Meghalaya Trip
इस बार की ट्रिप हमने एक ऐसे राज्य को चुना जो बहुत ही सुन्दर और प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है। मेघालय भारत के उत्तर–पूर्व में स्थित एक अत्यंत सुंदर और मनमोहक राज्य है, जिसे बादलों का घर कहा जाता है। यहाँ की हरी-भरी पहाड़ियाँ, घने जंगल, कल-कल बहते झरने, जीवित जड़ पुल और रहस्यमयी गुफाएँ इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और भी खास बना देती हैं। चेरापूंजी और मावसिनराम जैसे स्थान अपनी अधिक वर्षा और मनोरम दृश्यों के लिए प्रसिद्ध हैं। मेघालय की स्वच्छ हवा, शांत वातावरण और समृद्ध खासी, जयंतिया व गारो संस्कृति इसे प्रकृति प्रेमियों और यात्रियों के लिए स्वर्ग समान बनाती है। हमने सुना था मानसून में यह स्थान और भी अधिक मनमोहक हो जाता है और सच बताऊं तो ये उससे भी कही ज्यादा खूबसूरत था जितना हमने सुना था । ऐसे दृश्य ऐसा मौसम की आप एकटक देखते रह जाओगे। आपको लगेगा कि मैं इसी दुनिया में हूं या कही स्वर्ग में आ गया हूं। मैं बादलों के ऊपर हूं या बदल मेरे नीचे? खैर प्रारंभ से बात शुरू करते हैं :
हमने अपनी ट्रिप स्टार्ट करी गुवाहाटी में मां कामाख्या देवी के दर्शन से। फिर हम पहुंचे शिलॉन्ग जहां कुछ फेमस पॉइंट्स देखते हुए हम चेरापुंजी की तरफ निकले। शिलांग से 45 किलोमीटर आगे चेरापूँजी अपने घने वर्षा वनों और अपनी बारिश के अलावा अपने बेहतरीन फॉल्स और केव्स के लिए प्रसिद्ध है । हमने सेवन सिस्टर फॉल, मॉसमाई केव्स, अरवा केव्स, नौकालिकाई फ़ॉल्स, Wahrew Arch bridge
Pungkhlienh Fall,Kynram Fall, mawphlang Sacred Forest,गार्डन ऑफ केव्स आदि को एक्सप्लोर किया । दो दिन रोमांच से भरपूर थे हर एक स्पॉट पहले वाले से भी बेहतर था । झरने तो मानो जैसे पहाड़ों से दूध की तेज धार बह रही हो और गुफाएं रोमांच से भरी हुई ।
अरवाह केव
मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स ज़िले में चेरापूंजी (सोहरा) के पास स्थित एक प्रसिद्ध चूना-पत्थर की गुफा है। यह गुफा अपनी प्राकृतिक बनावट, संकरी सुरंगों और भीतर दिखाई देने वाले प्राचीन समुद्री जीवों के जीवाश्मों के लिए जानी जाती है, जो यह दर्शाते हैं कि यह क्षेत्र लाखों वर्ष पहले समुद्र के नीचे था। अरवाह केव रोमांचक पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ भूविज्ञान और पर्यावरण अध्ययन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और मेघालय की प्राकृतिक विरासत का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है।चेरापूंजी इन सबके साथ साथ, डबल डैकर रुट ब्रिज के लिए भी फेमस है। एक बार तो हमको लगा कि इस बारिश में इसको पार कर पाना मुश्किल है लेकिन finally हमने इसको पार कर ही लिया।
गार्डन ऑफ केव्स
मेघालय के चेरापूंजी (सोहरा) क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत सुंदर और प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जो अपनी अनोखी चूना-पत्थर की गुफाओं, हरियाली से घिरे परिदृश्य और छोटी-छोटी जलधाराओं के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान मानसून के दौरान विशेष रूप से आकर्षक दिख रहा था, यहाँ के झरने, हरी घास और प्राकृतिक संरचनाएँ किसी बगीचे जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहीं थीं। गार्डन ऑफ केव्स न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि यह पर्यटकों के लिए शांति, रोमांच और प्रकृति के निकट अनुभव का एक उत्कृष्ट स्थल भी है।
एक और जो हमारी लिस्ट में थी और वहां जाने के लिए हम बहुत उत्साहित थे बह था डबल डैकर रुट ब्रिज। यह ब्रिज 2025 में चर्चा में रहा जहां इंदौर का एक couple लापता हो गया था और उसका कुछ पता नहीं चल रहा था बाद में मेघालय पुलिस ने दावा किया कि पत्नी ने ही पति की हत्या कर के उसे मेघालय की पहाड़ियों से नीचे खाई में फेंक दिया था ।यह ब्रिज चरापूँजी से लगभग और 20 किलोमीटर आगे नोंग्रियाट नामक जगह मे है। डबल डैकर रुट ब्रिज मेघालय की खासी जनजाति द्वारा बनाया गया है, रबर के पेड़ों की जड़ों को इन लोगों ने आपस मे ऐसा बांधा है कि जड़ें जीवित भी हैं और उन्हें दिन प्रतिदिन मजबूती भी मिल रही है। यह नदी को पार करने के उद्देश्य से बनाया गया था और कई सालों से ऐसा ही जीवित है। नोंग्रियाट से डबल डैकर ब्रिज लगभग तीन किलोमीटर गहराई मे है और इसका रास्ता बहुत दुर्गम है।
इसको देखने के लिए 3,700 सीढ़ियों से नीचे उतरना पड़ता है जिसमे एक सामान्य व्यक्ति को कम से कम तीन से साढ़े तीन घन्टे लगते हैं। हमारे साथ छोटा बच्चा भी था और बारिश का मौसम टोह हमने इस ब्रिज पर न जाने का फैसला किया क्योंकि इसकी ढलान बिल्कुल सीधी है और इसका रास्ता घने जंगल से घिरा हुआ है और एकदम सुनसान है। बीच बीच मे कुछ पांच सात घरों के गांव हैं पर उनसे भी कोई फायदा नहीं होता क्योंकि वो हमारी भाषा नहीं समझ पाते और हम उनकी । लेकिन जहाँ ये स्थित है, वहाँ कोई आबादी नही है।
हमने पता किया था कि इसे देखने के लिए आपको नीचे उतरने के लिए एक लोकल गाईड को साथ रखना पड़ता है क्योंकि नीचे जाते समय कुछ ऐसे भी रास्ते आते हैं जिन्हें सिर्फ गाईड की मदद से ही पार किया जा सकता है, और ब्रिज की सही लोकेशन तक पहुँचा जा सकता है नहीं तो आप इस जंगल में भटक सकते हैं। आपका मोबाईल नेटवर्क सिर्फ आधे रास्ते तक ही काम करता है, आधे रास्ते के बाद आपका ऊपरी दुनिया से सम्पर्क टूट जाता है। इसे देखने के दौरान कभी भी आपको बारिश का सामना करना पड़ सकता है और जब तक आप ऊपर नही आ जाते तब तक आप गाईड के रहमो करम पर ही आश्रित होते हैं।
इस ब्रिज से करीब 800 मीटर आगे एक खूबसूरत झरना भी है जिसे रेनबो फॉल बोलते हैं, कुछ लोग वहाँ भी होकर आते हैं। इस ट्रैक पर खाने पीने की चीजें साथ ले कर जाना ही बुद्धिमत्ता है क्योंकि जिस ब्रिज को देखने के लिए आपको तीन साढ़े तीन घन्टे पैदल चल कर नीचे उतरना पड़े, तो वहाँ से वापस ऊपर आने मे कितना समय लगेगा। एक सामान्य व्यक्ति के लिए भी ये ट्रैक बहुत थकाने वाला है, और सीनियर सिटिजंस और बच्चों के लिए लगभग इंपॉसिबल।
वैसे तो पूरा का पूरा मेघालय ही एडवेंचरस है , कभी बादलों का घना काला हो जाना कभी तेज बारिश, कभी मौसम का एकदम साफ हो जाना पलभर में मेघालय का मौसम रंग बदल लेता है। पूरा मेघालय शानदार वाटरबफॉल्स, केव्स, और मंत्रमुग्ध कर देने वाली हरियाली से घिरा हुआ है एक तरफ बांग्ला देश का बॉर्डर भी है जिसे एकदम जीरो प्वाइंट से देखा जा सकता है।
बारिश के मौसम में थोड़ी सावधानी से जाना ही बुद्धिमता है। हमने तो बहुत से ऐसे प्वाइंट छोड़ दिए थे जहां थोड़ी भी रिस्क थी। हालांकि dawki river ( famous for its crystal-clear, transparent water) को न देख पाने का बहुत अफसोस है। परन्तु हमारे ड्राइवर और लोकल लोगों के द्वारा वहां बारिश और भूस्खलन की वजह से रास्ता बंद बताया गया। और वैसे भी बारिश में इसका पानी मिट्टी वाला हो जाता है clean river देखने के लिए यहां अक्टूबर से मार्च के बीच में आना चाहिए।
कुल मिलाकर एक बेहतरीन , लाजवाब और सुरक्षित ट्रिप रही। भारत में एक से बढ़कर एक बेहतरीन जगह हैं जो शायद विदेशों में भी नहीं होगी।
26 May to 31 May 2025
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